तुम झूठ बोल कर अपनी हर कहानी में मुझे बांध देती हो...
और हम सच समझकर उस कहानी पर ऐतबार कर लेते हैं...
आशीष...
और हम सच समझकर उस कहानी पर ऐतबार कर लेते हैं...
आशीष...
मैने जिसे देखा हर वक़्त... जिसे हमने महसूस किया बेवक्त... आज कल वो मेरे ख्यालों में आने लगी.... कहीं ये इश्क़ तो नहीं... Ashish....
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