Tuesday, 8 September 2026


तुम्हें शायद कभी एहसास न हो...
लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो...
जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है...
तो तुम्हारा ख़याल...सुकून बनकर मेरे पास आ जाता है...
मुझे तुम पर सिर्फ़ प्यार नहीं आता...
मुझे तुम पर फ़ख्र होता है...
उस लड़की पर जो हर रोज़...
अपने सपनों...
अपनी ज़िम्मेदारियों...
और अपने संघर्षों के बीच
मुस्कुराना नहीं भूलती...
तुम दूर हो... लेकिन ऐसा एक भी दिन नहीं जाता...
जब तुम्हारी मौजूदगी महसूस न होती हो....
तुम मेरी पत्नी हो...ये मेरी किस्मत है...
लेकिन तुम मेरी सबसे अच्छी दोस्त हो...
ये मेरी सबसे बड़ी कामयाबी है...
तुम्हारे होने से मुझे हमेशा ये यक़ीन रहता है कि...
चाहे वक़्त कितना भी मुश्किल क्यों न हो...
कोई है जो मुझे समझता है....
मेरा ख़्याल रखती है...
और बिना किसी शर्त के मुझसे प्यार करती है...
ज़िंदगी ने मुझे बहुत कुछ दिया होगा....
मगर जो सबसे अनमोल दिया है...
वो तुम हो....
तुम मेरी हमसफ़र हो...मेरी सबसे अच्छी दोस्त हो...
कहते हैं कि किस्मत वालों को ही ऐसा जीवनसाथी मिलता है...
जो सिर्फ़ पत्नी नहीं...बल्कि सबसे अच्छा दोस्त भी बन जाए...
मेरे लिए वो तुम हो...
तुम दूर होकर भी हर पल मेरे सबसे क़रीब रहती हो...
तुम्हारा प्यार...तुम्हारी परवाह और तुम्हारा साथ...
हर मुश्किल को आसान बना देता है....
तुम रोज़ एक टीचर बनकर न जाने कितनी ज़िम्मेदारियाँ निभाती हो...
संघर्ष करती हो... थकती भी होगी...
लेकिन फिर भी सारी थकान भूलकर मुझसे मिलने के लिए कितने दूर से चली आती हो...
तुम मेरा ख़्याल जिस तरह रखती हो...
वो मुझे हर दिन ये एहसास दिलाता है कि...
प्यार सिर्फ़ कहने से नहीं...निभाने से साबित होता है...
अगर ज़िंदगी दोबारा जीने का मौका मिले...
तो हर बार मैं तुम्हें ही अपनी हमसफ़र चुनूँगा...
क्योंकि तुम सिर्फ़ मेरी मोहब्बत नहीं...
मेरी ताक़त... मेरा सुकून और मेरी पूरी दुनिया हो....

Suggu
ज़िंदगी बहुत छोटी है...
इसलिए उन दोस्तों से ज़रूर मिलते रहो जो दिल के सबसे क़रीब हैं....
काम कभी ख़त्म नहीं होगा...
पर अपनों के साथ बिताया एक पल उम्रभर याद रहता है....
थोड़ा वक़्त अपने लिए भी निकालो...
थोड़ा उन रिश्तों के लिए जो मुस्कुराने की वजह बनते हैं....
जिससे मोहब्बत हो...उससे इज़हार भी करो...
क्योंकि ख़ामोशियाँ अक्सर अधूरी कहानियाँ छोड़ जाती हैं....
ज़िंदगी का असली सुकून पैसा नहीं...
बल्कि दोस्तों की महफ़िल और सच्चे प्यार में छुपा होता है...

(आशीष)


हर शाम ऑफिस से घर तो लौट आता हूँ...
मगर सुकून आज भी कहीं रास्ते में छूट जाता है...

आशीष....

हर रात...
किसी एक शख़्स को याद करता हूँ...
उसकी यादों में ही अपने दिन का...
सुकून तलाश करता हूँ...
वो मिलती नहीं...
तो कोई शिकायत भी नहीं...
कुछ लोगों का...
मिलना ज़रूरी नहीं होता…
बस उनका दिल में होना ही...
काफी होता है...
वो दूर है...
फिर भी सबसे करीब लगती है...
शायद इसी को कहते हैं...
इश्क़....


(आशीष🫢)
काम में उलझी ज़िंदगी...दोस्तों में थोड़ी राहत है...
इश्क़ में कुछ ख्वाब हैं... कुछ अधूरी सी चाहत है...
सब कुछ तो नहीं मिला ज़िंदगी में...
पर जो मिला…
उसमें भी अपनी एक खूबसूरत कहानी है...

ashish

मिलना भी खूबसूरत था...
बिछड़ना भी यादगार रहा...
तुम पास थे तो इश्क़ था...
दूर हुए तो इंतज़ार रहा...

Ashish....













ना जाने कितने लोग मिले इस सफ़र में...
कुछ दोस्त बने...कुछ इश्क़ बन गए...
कुछ याद बनकर रह गए दिल में...
और कुछ बिना कहे ही बिछड़ गए...
तेरी आँखों में...कुछ पल यूँ खोना है...
कि वक़्त भी ठहर जाए और फ़ासले भी...

आशीष🙂...



तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....