आशीष प्रतापगढ़ी....
Wednesday, 22 July 2026
Monday, 20 July 2026
कभी ऑफिस की फ़ाइलें... कभी ज़िम्मेदारियों का बोझ....
इस भागती हुई ज़िंदगी में...हर दिन बस नई खोज....
सुबह से शाम कब ढल जाती है...पता ही नहीं चलता...
दिल तो हर पल तुम्हें याद करता है...
बस वक़्त का पता ही नहीं चलता...
अगर मेरी ख़ामोशी से तुम नाराज़ हो गए हो...
तो यक़ीन मानो...
हम भी अंदर ही अंदर बिखर गए हैं...
चलो आज सारी शिकायतें हवा में उड़ा देते हैं...
जो दूरियाँ आ गई हैं...उन्हें मुस्कुराकर मिटा देते हैं...
ज़िंदगी की इस भागदौड़ में...बस इतना-सा साथ चाहिए...
तुम फिर से "कैसे हो?" कह दो...मुझे और क्या चाहिए...
आशीष
कभी ऑफिस की फ़ाइलें... कभी ज़िम्मेदारियों का बोझ....
इस भागती हुई ज़िंदगी में...हर दिन बस नई खोज....
सुबह से शाम कब ढल जाती है...पता ही नहीं चलता...
दिल तो हर पल तुम्हें याद करता है...
बस वक़्त का पता ही नहीं चलता...
अगर मेरी ख़ामोशी से तुम नाराज़ हो गए हो...
तो यक़ीन मानो...
हम भी अंदर ही अंदर बिखर गए हैं...
चलो आज सारी शिकायतें हवा में उड़ा देते हैं...
जो दूरियाँ आ गई हैं...उन्हें मुस्कुराकर मिटा देते हैं...
ज़िंदगी की इस भागदौड़ में...बस इतना-सा साथ चाहिए...
तुम फिर से "कैसे हो?" कह दो...मुझे और क्या चाहिए...
आशीष
Thursday, 16 April 2026
हां मुझे पसंद है...
तुम्हारा मासूम सा चेहरा, जिसे देखकर मेरे दिन की शुरुआत होती है...
हां मुझे पसंद है...
तुम्हारी प्यारी सी मुस्कान, जिसे देखकर मेरे दिल को सुकून मिलता है...
हां मुझे पसंद है...
तुम्हारी झील सी आँखें, जिसमें बस डूब जाने का मन करता है...
हां मुझे पसंद है...
तुम्हारे माथे की बिंदिया... जो तुम्हारे सादगी को और खूबसूरत बनाती है...
हां मुझे पसंद है...
तुम्हारी आंखों का काजल, जो निगाहों से तीर छोड़ती हो..
हां मुझे पसंद है....
तुम्हारा रूठना, तुम्हारा मानना...
तुमसे बेवजह बात करना...
तुम्हें परेशान करना...और
तुम्हारा इंतजार करना...
हां मुझे पसंद है...तुम और सिर्फ तुम...
आशीष....
मुलाक़ातें इत्तेफ़ाक़ से नहीं... किस्मत के ख़ूबसूरत बहाने से होती हैं... आशीष....
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तुम देखोगे मुझे तो देखते ही रह जाओगे... है चेहरे पे इतनी खामोशियां कि सोचते ही रह जाओगे... मेरी ज़िन्दगी का हर पन्ना तुम्हे अधूरा ही मि...
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होली में कुछ प्यार के रंग और रंगों में गुलाल है... अरे होली का त्यौहार है होली का त्यौहार है.. नीला,पीला, हरा, गुलाबी होली में...
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कभी आज़मा के देख लेना.... कभी हमारी आंखों में झांक के देख लेना... हर नशा फ़ीका ही निकलेगा हमारी मोहब्बत के आगे... यक़ीन ना आए तो हमसे एक बार...