ज़रूरी नहीं कि हर बात का इजहार अल्फ़ाज़ से ही किया जाए...
कभी-कभी खामोशियां भी बयां कर जाती है अपने जज़्बात को...
आशीष गुप्ता...
हां मुझे पसंद है... तुम्हारा मासूम सा चेहरा, जिसे देखकर मेरे दिन की शुरुआत होती है... हां मुझे पसंद है... तुम्हारी प्यारी सी मुस्कान, जिसे द...