Thursday, 29 August 2024

हमने जीते कई जंग...
बस मोहब्बत में हार गया...

आशीष....

आज लिखने का मन नहीं था... लेकिन किसी की याद ने फिर से दस्तक दे दी... सोचा था आज ख़ामोश ही रहूंगा... मगर उनकी यादों ने फिर से एक ग़ज़ल ही लिखवा...