ये मेरे इश्क़ तू नाराज़ मत होया कर
मोहब्बत तुमसे बेशुमार हैं यूं शक ना किया कर
ज़िन्दगी के सफ़र में तू ही मेरा हमसफ़र है
जान क़दमों पे रख दूं तेरे थोड़ा ऐतबार तो कर...
आशीष गुप्ता...
तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....
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