Thursday, 13 August 2020

मेरी मोहब्ब्त...

कभी सोचा भी नहीं था कि तुम आओगी...
मेरी ज़िन्दगी में एक रोशनी बनकर...
जब भी ख़ुद को अकेला पाता सफ़र में...
तुम साथ रहोगी मेरी परछाईं बनकर...

ये देख जमाना भी आज जल जाएगा...
तेरे इश्क़ में आज एक किताब लिखा जाएगा...
एक एक पन्ने पे बस ज़िक्र तेरा ही होगा...
सोच मोहब्बत में तेरे एक इतिहास लिखा जाएगा...


आशीष गुप्ता....

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तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष