Tuesday, 18 August 2020

काश तुम आ जाते...

आज मौसम कुछ बेईमान है काश तुम आ जाते...
मोहब्बत करते तुमसे और दोनों भीग जाते...
तुमसे लिपटकर मै अपने इश्क़ का इज़हार भी करता...
तेरे कपकपाते होंठों को छू कर मै जी भर के प्यार भी करता...
मै डूब जाता तेरे इश्क़ के समंदर में कुछ इस कदर की...
जान क़दमों में रख देता और खुद को फनाह भी कर जाता...

आशीष गुप्ता...

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तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष