चलो आज दिल की डायरी में कुछ अल्फाज़ लिखा जाए...
आज अपनी मोहब्बत का दूसरा अध्याय लिखा जाए...
लिखा जाए कुछ इबादत ऐसा जिसमें ख़ुशबू हो मोहब्बत की...
अपने हथेली पे आज तुम्हारा नाम लिखा जाए...
आशीष गुप्ता...
तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....
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