Saturday, 28 August 2021

मेरी ज़िन्दगी...



ये मेरी ज़िन्दगी मैं तुझे क्या लिखूं...
मोहब्बत लिखूं की इबादत लिखूं...
शब्द नहीं है बयां करने को...
तुम्हारी ये जो प्यारी सी हसीं है...
वहीं मेरी ख़ुशी है...
तुम्हारा ज़िक्र ही मेरा फ़िक्र है....
तुम बिन मैं अधूरा हूं...
तुम हो तो मैं पूरा हूं...


आशीष गुप्ता...

तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष