जिसको अपना बनाने में हमने पूरी जिंदगी लगा दी...
उसने सामने से हमें पहचानने से मना कर दिया...
बात ये भी नहीं कि वो हमें आज भूल गए...
बात ये हैं कि हमारे ही महफ़िल में हमें आने से मना कर दिया...
आशीष...
मैने जिसे देखा हर वक़्त... जिसे हमने महसूस किया बेवक्त... आज कल वो मेरे ख्यालों में आने लगी.... कहीं ये इश्क़ तो नहीं... Ashish....