Thursday, 29 August 2024

हमने जीते कई जंग...
बस मोहब्बत में हार गया...

आशीष....

Tuesday, 5 March 2024

मेरी प्यारी धर्मपत्नी (Suggu) जी आपको जन्मदिवस की बहुत बहुत दिल से शुभकामनाएं... हम भगवान से खूब प्रार्थना करते हैं की आपकी सारी ख्वाहिशें पूरी हो... खूब तरक्की करो... माता पिता और पूरे परिवार का सर खूब फक्र से ऊंचा करो... 

हम बहुत ही सौभाग्यशाली हैं की आप हमारे जीवन में आईं... हमें तुमसे आज तक कोई शिकायत नहीं और तुमने शिकायत का मौका भी नहीं दिया... तुम्हें पाकर हमारा जीवन सफ़ल हुआ... हम आपसे वादा करतें हैं की... आने वाले समय में तुम्हें वो सारी खुशियां दे सकूं... वो सारी मन्नतें पूरा कर सकूं जिसकी तुम चाह रखती हो...

तुम घर परिवार और हमसे भी दूर रहकर भी सभी का मान सम्मान रखा है...तुम्हारे जीवन में बहुत सारे संघर्ष आए लेकिन तुम कभी घबराई नही...उसका डर कर सामना किया...यही हिम्मत देखकर मुझे भी एक ताक़त मिलता है...तुम मुझे कभी भी कमज़ोर नही होने देती...तुमसे बहुत कुछ सीखा है...

हमने बहुत कोशिश की कि तुम्हारा जन्मदिन साथ मनाएं... लेकिन कुछ कारण की वजह से हम नहीं आ पाए मुझे बड़ा अफसोस है...
लेकिन हमारा प्यार हमेशा तुम्हारे साथ है...

हम जब कभी परेशान होते हैं...या कभी निराश होते हैं... तुमसे बात करते हैं तो वो सारी परेशानी दूर हो जाती है... तुम जब कहती हो हम साथ है... यही सुनकर मेरे मेरे दिल को कितना सुकून मिलता है...तुम्हारा हमारे जीवन में आना किसी वरदान से कम नही....

हो भगवान से पूरी .. ऐसा कोई वरदान चाहिए...
मैं जब भी रहूं अकेला...मेरे हाथों में तेरे हाथ चाहिए...
हो जाए हमारी पूरी... कितनी भी ख्वाइशें...
जिंदगी में मिले हज़ार मगर हर जन्म में बस साथ तेरा चाहिए....

बहुत सारा प्यार....🎂🎂🎂♥️♥️♥️♥️

Sunday, 7 January 2024

आज उसकी आंखों में ऐसा नशा देखा...
जैसे ही उसको देखा तो खुद को ही भूल गया....

आशीष गुप्ता....

Sunday, 21 May 2023

 तुम्हारे होंठों की चुस्की किसी चाय से कम नही...
जितना धीरे–धीरे पियो मजा उतना ही ज्यादा ...

आशीष गुप्ता....

Wednesday, 17 May 2023

कुछ पता नही बस यूं हीं...दरबदर भटकता रहता हूं...
जिस दिन से देखा था उसे... बस उसे ही खोजता रहता हूं...
क्या करूं कमबख्त... ये इश्क़ का आलम ही कुछ ऐसा है...
आज कल उसी के ख्यालों में ही... खोया रहता हूं...


आशीष......

जिसका ख्याल आते ही मन एक खुशी सी हो...वो तुम हो
जिसको याद करते ही सारे गम दूर हो जाए... वो तुम हो
नाम लिखते ही तुम्हारा ग़ज़ल बन जाए...वो तुम हो
ख़ुद को आईने में देखूं तो वो तस्वीर बन जाए...वो तुम हो



......आशीष गुप्ता

जिसका ख्याल आते ही मन एक खुशी सी हो...वो तुम हो
जिसको याद करते ही सारे गम दूर हो जाए... वो तुम हो
नाम लिखते ही तुम्हारा ग़ज़ल बन जाए...वो तुम हो
ख़ुद को आईने में देखूं तो वो तस्वीर बन जाए...वो तुम हो


  आशीष गुप्ता

आज लिखने का मन नहीं था... लेकिन किसी की याद ने फिर से दस्तक दे दी... सोचा था आज ख़ामोश ही रहूंगा... मगर उनकी यादों ने फिर से एक ग़ज़ल ही लिखवा...