Saturday, 13 January 2018

पहली मुलाकात...


 
एक दिन तुमसे फोन पर बात हो गयी.....
थोड़ी सी हमारी जान पहचान हो गयी...
रिश्ता भी बन गया दोस्ती भी हो गयी...
दिल के थोड़ा करीब सी हो गयी...
कैसे बताऊ कैसी है वो लड़की...
मासूम सी भोली सी प्यारी है वो लड़की...
हस्ती है मुस्कुराती है थोड़े नखरे भी दिखती है...
लेकिन दिल की बहुत अच्छि है मन की बहुत सच्ची है...
आई जब पहली बार घबरा सा गया था...
मिलते ही शायद कुछ सरमा सा गया था...
उसके चेहरे पर हँसी थी मेरे चेहरे पर ख़ुशी थी...
उससे मिलकर दिल को थोडा अच्छा सा लगा...
अब शहर भी अजनबी से अपना सा लगा...
अब तो बाते भी होने लगी मुलाक़ातें भी होने लगी...
शहर में थोड़ी-थोड़ी बरसाते भी होने लगी...
भीगते गए हम घुमते गए हम...
उस बारिश की मस्ती में झूमते गए हम...
सोचा न था ऐसा पल भी आ जायेगा...
हम दोनों को देखकर बारिश भी सरमा जायेगा...

 आशीष गुप्ता

8 comments:

तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष