Saturday, 28 April 2018

काश तुम अज़नबी होते...

काश ज़िन्दगी यूँ ही चलती रहती...
ना वो पास आते ना हम दिल लगाते...
ना प्यार हमको होता ना एहसास तुमको होता...
होते तो बस हम अज़नबी तुम अज़नबी...
ना कोई रिश्ता ना कोई ख्वाईश...
बस ज़िन्दगी जीते खुद के लिए किसी अपनों के लिए....

आशीष गुप्ता

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तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....