Wednesday, 17 October 2018

ज़िन्दगी की उड़ान अभी बाकी है...





सफर थोड़ा लम्बा है...
मगर कुछ ख्वाहिशें अभी बाकी है...

अभी तो समंदर सी लहरें उठी हैं मेरे अंदर...
अब तो शहर हर शहर में खुद को थोड़ा मशहूर करना बाकी है...

जब कदम बढ़ा ही दिया है मैंने मंजिल की तरफ...
तो अब ये नहीं सोचना कि जाना कितना दूर है...

अब तो बस एक ही जिद है मेरी...
इस खुले आसमान में ज़िन्दगी जीने की उड़ान अभी बाकी है....

#आशीष #गुप्ता....

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तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष