Sunday, 9 June 2019




ये सूरज चांद तारें  भी..यही फरियाद करते हैं...
सलामत तू रहे हरदम...दुआ हर बार करते हैं...

वो ख़ुशबू है तुम्हारे में...जो फूलों में नहीं होती...
महक जाती है रूह मेरी...तेरा जब नाम लेते  हैं...

मेरे दिल के लिफाफें में...तेरी तस्वीर रखी है...
जो फेरूं रेत पे उंगली...तेरी तस्वीर दिखती है...

में पागल हूं या आशिक़ हूं, मुझे कोई तो बतलाए...

सुबह जब आईना देखूं...तेरी तस्वीर दिखती है...

तेरी आवाज़ सुनता हूं...में इतना डूब जाता हूं...
तेरे होंठों को जब चुमू...में शहद सा हो ही जाता हूं...

तेरे आंखों के दरिया में है आंसू की लहर इतनी...

जो गिरते एक भी आंसू...कसम से भीग जाता हूं...

आशीष गुप्ता...

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