दिल तो नादान था जो मोहब्बत कर बैठा...
अब मोहब्बत करना गर गुनाह है तो ये सजा भी मंजूर है....
आशीष गुप्ता...
अब मोहब्बत करना गर गुनाह है तो ये सजा भी मंजूर है....
आशीष गुप्ता...
मैने जिसे देखा हर वक़्त... जिसे हमने महसूस किया बेवक्त... आज कल वो मेरे ख्यालों में आने लगी.... कहीं ये इश्क़ तो नहीं... Ashish....
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