दिल तो नादान था जो मोहब्बत कर बैठा...
अब मोहब्बत करना गर गुनाह है तो ये सजा भी मंजूर है....
आशीष गुप्ता...
अब मोहब्बत करना गर गुनाह है तो ये सजा भी मंजूर है....
आशीष गुप्ता...
हां मुझे पसंद है... तुम्हारा मासूम सा चेहरा, जिसे देखकर मेरे दिन की शुरुआत होती है... हां मुझे पसंद है... तुम्हारी प्यारी सी मुस्कान, जिसे द...
No comments:
Post a Comment