मुझे दुश्मनों का खौंफ नहीं... मै शेर हूं...अकेले ही घूमता हूं...
तुम आग लगाने की कोशिश भी मत करना...मै सरफिरा हूं...बारूद लिए घूमता हूं...
आशीष गुप्ता...
तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष
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