Monday, 28 October 2019

तुम...

तुम्हें देखे तो हर समंदर की प्यास बढ़ जाए...
तुम्हारा नाम लिख दूं जिस पन्ने पे वो ख़ुद ही किताब बन जाए...
तुम्हारी शोखियां, तुम्हारी शरारतें, तुम्हारी हरकतें, हर किसी के दिलों पे राज़ करती है...
तुम्हें गर बादल भी देख ले तो, बिन मौसम बरसात हो जाए...

आशीष गुप्ता...

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तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....