हर लम्हा ठहर सा जाता है तेरे आने के बाद...
वो चांद भी शरमा सा जाता है तुझे देखने के बाद...
बनाने वाले ने तुझे क्या सोचकर बनाया होगा...
मेरी धड़कन भी रुक सा जाता है तेरा नाम लेने के बाद...
आशीष गुप्ता...
मैने जिसे देखा हर वक़्त... जिसे हमने महसूस किया बेवक्त... आज कल वो मेरे ख्यालों में आने लगी.... कहीं ये इश्क़ तो नहीं... Ashish....
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