ज़िन्दगी की जद्दोजहद में परेशानियां हो कितना भी...
जमीं से लेकर आसमां तक उचाईं या हो कितना भी...
किसी में इतना दम नहीं की मेरे हौसले की उड़ान को रोक ले...
मंजिल तक तो मै पहुंच ही जाऊंगा, रास्ते में कांटे बिछा दो कितना भी...
आशीष गुप्ता...
मैने जिसे देखा हर वक़्त... जिसे हमने महसूस किया बेवक्त... आज कल वो मेरे ख्यालों में आने लगी.... कहीं ये इश्क़ तो नहीं... Ashish....
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