तुम हमे इतना मत खोजों... हम कहीं और बसते हैं....
आशियाना है इतना कि... हम हर रोज़ घर बदलते हैं...
तुम ढूड़ते रहोगे मुझे...फिर भी हम तुम्हें नहीं मिल पाएंगे...
हमारे चाहने वाले ही हैं इतना कि... हम हर किसी के दिल में बसते हैं...
आशीष गुप्ता
हां मुझे पसंद है... तुम्हारा मासूम सा चेहरा, जिसे देखकर मेरे दिन की शुरुआत होती है... हां मुझे पसंद है... तुम्हारी प्यारी सी मुस्कान, जिसे द...
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