तस्वीर तुम्हारी हम दिल में लिए और आइने से सवाल कर बैठे...
तू इतनी ख़ूबसूरत कैसे... उससे ये सवाल कर बैठें...
आइना भी मुस्कुराया और बोल पड़ा...
हमने भी उस तस्वीर से कितनी बार मोहब्बत कर बैठें...
आशीष गुप्ता....
तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष
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