मुसीबतें कितनी ही बड़ी क्यों ना हो... एक विश्वास ही काफी है ज़िन्दगी में उम्मीद जगाने के लिए...
अंधेरा कितना ही ज्यादा क्यों ना हो... एक दीपक ही काफी है अंधकार मिटाने के लिए...
आशीष......
हां मुझे पसंद है... तुम्हारा मासूम सा चेहरा, जिसे देखकर मेरे दिन की शुरुआत होती है... हां मुझे पसंद है... तुम्हारी प्यारी सी मुस्कान, जिसे द...
No comments:
Post a Comment