Sunday, 5 April 2020

दीपक...

मुसीबतें कितनी ही बड़ी क्यों ना हो... एक विश्वास ही काफी है ज़िन्दगी में उम्मीद जगाने के लिए...
अंधेरा कितना ही ज्यादा क्यों ना हो... एक दीपक ही काफी है अंधकार मिटाने के लिए...

आशीष......

No comments:

Post a Comment

तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....