Tuesday, 23 June 2020

सोचता हूं...

सोचता हूं कि तुम्हें लिखूं...
फिर सोचता हूं कि आख़िर क्या लिखूं...

आशीष गुप्ता...................??😃

Monday, 15 June 2020

तनहाई

हर बात को दिल में दबा के रखने से क्या फायदा...
ज़िन्दगी मिली है जीने के लिए... यूं अकेले रोने क्या फायदा...
कोई अपना ना सही तो... खुद को ही हमसफ़र बना लो...
यूं टूट कर बिखर जाने से क्या फायदा...

आशीष गुप्ता...

मैने जिसे देखा हर वक़्त... जिसे हमने महसूस किया बेवक्त... आज कल वो मेरे ख्यालों में आने लगी.... कहीं ये इश्क़ तो नहीं... Ashish....