हर बात को दिल में दबा के रखने से क्या फायदा...
ज़िन्दगी मिली है जीने के लिए... यूं अकेले रोने क्या फायदा...
कोई अपना ना सही तो... खुद को ही हमसफ़र बना लो...
यूं टूट कर बिखर जाने से क्या फायदा...
आशीष गुप्ता...
मैने जिसे देखा हर वक़्त... जिसे हमने महसूस किया बेवक्त... आज कल वो मेरे ख्यालों में आने लगी.... कहीं ये इश्क़ तो नहीं... Ashish....
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