तेरे इश्क़ में आज मै इस कदर डूब गया हूं...
तुझे देखते ही लगा मै ख़ुद को ही भूल गया हूं...
तेरे ही दिल में रहने की आदत जो मुझे लगी इस कदर....
लगता है आज कल मैं अपने घर का पता भूल गया हूं...
आशीष गुप्ता...
तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष
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