एक ख्वाब हक़ीक़त होना था वो ख़्वाब अधूरी रह गई...
ख़्वाब तो देखा था ख़ूबसूरत क्या करे रात ही छोटी हो गई...
आशीष गुप्ता...
मैने जिसे देखा हर वक़्त... जिसे हमने महसूस किया बेवक्त... आज कल वो मेरे ख्यालों में आने लगी.... कहीं ये इश्क़ तो नहीं... Ashish....
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