Thursday, 29 October 2020

ख़्वाब..

एक ख्वाब हक़ीक़त होना था वो ख़्वाब अधूरी रह गई...
ख़्वाब तो देखा था ख़ूबसूरत क्या करे रात ही छोटी हो गई...


आशीष गुप्ता...

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तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....