सपनों की दुनिया में...बहुत से ख़्वाब देखना अभी बाकी है....
कुछ ख़्वाब तो पूरे हो गए... कुछ हक़ीक़त करना अभी बाकी है...
आशीष गुप्ता....♥️
आज लिखने का मन नहीं था... लेकिन किसी की याद ने फिर से दस्तक दे दी... सोचा था आज ख़ामोश ही रहूंगा... मगर उनकी यादों ने फिर से एक ग़ज़ल ही लिखवा...
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