Wednesday, 2 June 2021

जिम्मेदारियां...

कुछ ख़्वाब है जो हक़ीक़त भी नहीं होती
और कुछ जिम्मेदारियां है जो सोने भी नहीं देती...


आशीष गुप्ता....

No comments:

Post a Comment

आज लिखने का मन नहीं था... लेकिन किसी की याद ने फिर से दस्तक दे दी... सोचा था आज ख़ामोश ही रहूंगा... मगर उनकी यादों ने फिर से एक ग़ज़ल ही लिखवा...