जिस दिन से देखा था उसे... बस उसे ही खोजता रहता हूं...
क्या करूं कमबख्त... ये इश्क़ का आलम ही कुछ ऐसा है...
आज कल उसी के ख्यालों में ही... खोया रहता हूं...
आशीष......
जिसका ख्याल आते ही मन एक खुशी सी हो...वो तुम हो
जिसको याद करते ही सारे गम दूर हो जाए... वो तुम हो
नाम लिखते ही तुम्हारा ग़ज़ल बन जाए...वो तुम हो
ख़ुद को आईने में देखूं तो वो तस्वीर बन जाए...वो तुम हो
......आशीष गुप्ता
जिसका ख्याल आते ही मन एक खुशी सी हो...वो तुम हो
जिसको याद करते ही सारे गम दूर हो जाए... वो तुम हो
नाम लिखते ही तुम्हारा ग़ज़ल बन जाए...वो तुम हो
ख़ुद को आईने में देखूं तो वो तस्वीर बन जाए...वो तुम हो