Thursday, 31 March 2022

तेरा नाम लिख रहा हूं....

बहुत दिनों से कुछ लिखा नहीं लेकिन आज लिख रहा हूं...
मोहब्बत की पहली बरसात लिख रहा हूं...
बागों में जो महके वो खुश्बू लिख रहा हूं...
और उस खुश्बू से महकता हुआ शाम लिख रहा हूं...

No comments:

Post a Comment

आज लिखने का मन नहीं था... लेकिन किसी की याद ने फिर से दस्तक दे दी... सोचा था आज ख़ामोश ही रहूंगा... मगर उनकी यादों ने फिर से एक ग़ज़ल ही लिखवा...