Saturday, 3 January 2026

हम बुरे थे, बुरे हैं, बुरे ही रहेंगे, 
मेरा मिज़ाज ही ऐसा है, ऐसे ही रहेंगे...आशीष😎😡

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आज लिखने का मन नहीं था... लेकिन किसी की याद ने फिर से दस्तक दे दी... सोचा था आज ख़ामोश ही रहूंगा... मगर उनकी यादों ने फिर से एक ग़ज़ल ही लिखवा...