हर ख़्वाब हक़ीक़त हो जाए ...ये जरूरी तो नहीं...
हर मोहब्बत पूरी हो जाए ...ये जरूरी तो नहीं...
हम तुम्हें पसंद करतें हैं ...ये और बात है...
तुम हमें पसंद करो ...ये जरूरी तो नहीं...
आशीष....
आज लिखने का मन नहीं था... लेकिन किसी की याद ने फिर से दस्तक दे दी... सोचा था आज ख़ामोश ही रहूंगा... मगर उनकी यादों ने फिर से एक ग़ज़ल ही लिखवा...
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