हर ख़्वाब हक़ीक़त हो जाए ...ये जरूरी तो नहीं...
हर मोहब्बत पूरी हो जाए ...ये जरूरी तो नहीं...
हम तुम्हें पसंद करतें हैं ...ये और बात है...
तुम हमें पसंद करो ...ये जरूरी तो नहीं...
आशीष....
तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष
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