सबका दुखदर्द बांटते बांटते ख़ुद का ख्याल रखना भूल गए...
महफ़िल सजी थी हमारे लिए और हमें ही बुलाना भूल गए....
आशीष
मैने जिसे देखा हर वक़्त... जिसे हमने महसूस किया बेवक्त... आज कल वो मेरे ख्यालों में आने लगी.... कहीं ये इश्क़ तो नहीं... Ashish....