Monday, 3 August 2026


आज लिखने का मन नहीं था...
लेकिन किसी की याद ने फिर से दस्तक दे दी...
सोचा था आज ख़ामोश ही रहूंगा...
मगर उनकी यादों ने फिर से एक ग़ज़ल ही लिखवा दी...

आशीष

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आज लिखने का मन नहीं था... लेकिन किसी की याद ने फिर से दस्तक दे दी... सोचा था आज ख़ामोश ही रहूंगा... मगर उनकी यादों ने फिर से एक ग़ज़ल ही लिखवा...