Wednesday, 29 August 2018

फरेब

हां माना मेरा अभी कोई नाम नहीं है...
और तुम्हारे दिल ने अभी से ही गुमनाम कर दिया...

अभी तो सफ़र की शुरुआत की है मैंने...
और अभी से ही हमें बदनाम कर दिया...

यूं मेरा नाम बदनाम कर के तुम्हें क्या हासिल हो गया...
अब तो तेरे शहर में भी मेरे नाम के चर्चे और भी ज्यादा हो गया...

मशहूर होने तुम चली थी...
और बदनामी मेरे नाम कर दिया...

अब देखो खुद तो बदनाम हो गई...
और मशहूर मुझे कर दिया...

आशीष...

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तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष