Tuesday, 18 June 2019

नींद और ख्वाबों के दर्मियां...





तुम मुझसे नहीं मिलती, लेकिन फिर भी मुलाक़ात हो ही जाती है...
नींद और ख्वाबों के दर्मियां...

तुम मुझसे बात नहीं करती, फिर भी बात हो ही जाती है...
नींद और ख्वाबों दर्मियां...

तुम कितना भी कोशिश कर लो मुझसे दूर जाने की, लेकिन फिर भी पास आ ही जाती हो...
नींद और ख्वाबों के दर्मियां...

मै तुम्हें अक्सर भूल जाता हूं, फिर भी याद आ ही जाती हो...
नींद और ख्वाबों के दर्मियां...

आशीष गुप्ता...

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तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....