Monday, 12 August 2019

सबक

आगे और भी काम आएंगे इत्मीनान रखियेगा...
मेरे हिस्से की खुशियों को थोड़ा संभाल के रखियेगा...
अभी वक्त तुम्हारा है आज़मा लो हमें भी...
कल जब दर्द मिलेगा तुम्हे देखना हमारे पास ही आयिएगा...

आशीष गुप्ता... 

No comments:

Post a Comment

तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....