मैंने हर नशे को आजमाया मगर हर नशा फींका ही निकला...
फिर हमने नशा किया मोहब्बत का कसम से झकझोर दिया...
#आशीष #गुप्ता...
फिर हमने नशा किया मोहब्बत का कसम से झकझोर दिया...
#आशीष #गुप्ता...
आज लिखने का मन नहीं था... लेकिन किसी की याद ने फिर से दस्तक दे दी... सोचा था आज ख़ामोश ही रहूंगा... मगर उनकी यादों ने फिर से एक ग़ज़ल ही लिखवा...
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