अपने लफ़्ज की स्याही से...दिल की कलम से... इश्क़ लिखकर देखना...
मोहब्बत को भी मोहब्बत हो जाएगा... मेरा नाम लिखकर देखना...
आशीष गुप्ता...
मोहब्बत को भी मोहब्बत हो जाएगा... मेरा नाम लिखकर देखना...
आशीष गुप्ता...
तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष
No comments:
Post a Comment