खुले आसमान में, पूरे ब्रह्मांड में...
सारी दुनिया की निगाहें, हमारे चंद्रयान पे...
सफ़र थोड़ा कठिन था, विश्वास भी अडिग था...
सूर्य की भांति चल पड़े, परेशानियों से परे....
जमीं से लेकर आसमां, आसमां से चंद्रमा....
पहाड़ को चीरते, ब्रह्मांड को भेदते...
वो बार बार थे गिरे, हम एक ही बार में चले...
आन बान शान से, भारत के चंद्रयान ने...
नाम उज्ज्वल कर दिया, विश्व विजेता बन गया...
सारी दुनिया की निगाहें, हमारे चंद्रयान पे...
सफ़र थोड़ा कठिन था, विश्वास भी अडिग था...
सूर्य की भांति चल पड़े, परेशानियों से परे....
जमीं से लेकर आसमां, आसमां से चंद्रमा....
पहाड़ को चीरते, ब्रह्मांड को भेदते...
वो बार बार थे गिरे, हम एक ही बार में चले...
आन बान शान से, भारत के चंद्रयान ने...
नाम उज्ज्वल कर दिया, विश्व विजेता बन गया...
आशीष गुप्ता...
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