Friday, 20 September 2019

बहुत ख़ूबसूरत हो तुम...

बहुत ख़ूबसूरत....बहुत ही ख़ूबसूरत हो तुम...
लगे कि जैसे कोई मूरत हो तुम...
बहुत ख़ूबसूरत...बहुत ख़ूबसूरत हो तुम...
आंखें तुम्हारी नशीली सी है...
होंठों पे लाली भी मखमली सी है...
तू आसमानी है तू खुशमिजाजी है...
तू आफताब है तू शबनमी सी है...
जो कह दुं हमारी मोहब्बत हो तुम...
बहुत ख़ूबसूरत....बहुत ही ख़ूबसूरत हो तुम...


आशीष गुप्ता...

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तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष