मेरी मोहब्बत हक़ीक़त है तुम गलत मत समझना
लेकिन हां ये सच है इसे झूट मत समझना
मैंने बड़ी सिद्दत्त से चाहा है और मांगा है तुम्हें
मेरी हर ग़ज़ल में ज़िक्र तेरा ही है किसी और का मत समझना...
आशीष गुप्ता...
तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष
No comments:
Post a Comment