Saturday, 14 December 2019

होंठों का जाम...

आज प्यासा हूं इतना कि पूरा मैखाना ही पी जाऊं...
मगर क्या करूं तलब तेरे होंठों के जाम की है...

आशीष गुप्ता

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तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष