Sunday, 16 August 2020

अधूरी ख्वाहिश...

एक अधूरी ख्वाहिश है मेरी... आज तू इसे पूरी कर दें ...
मेरी ज़िन्दगी अधूरी है तेरे बिन...इस ज़िन्दगी को तू पूरी कर कर दे...
मैं भीग जाऊं तेरे इश्क़ में कुछ इस कदर...तू इतना प्यार कि बरसात कर दें...
तू मुझको ख़ुद में समा ले...और मुझे अपने इश्क़ में फना कर दें...

मेरी ज़िन्दगी है अधूरी तेरे बिन...इस ज़िन्दगी को तू आज पूरी कर कर दें...

मैं राह में खड़ा तेरा इंतज़ार करूं...  ख़ुद से भी ज्यादा तुझको जी भर के प्यार करूं...
मेरे हाथों में तेरा हाथ रहे...ज़िन्दगी के सफ़र में दो चार पल का साथ रहे...
मेरी ज़िन्दगी में तू जो अाई.... एक नई रोशनी है लाई...
पलकों पे मुझको जो बैठाया...मेरी आंख देख ये भर अाई...
मैं मांगू उस रब से आज बस एक ही दुआ...तेरी हर दुआ वो आज पूरी कर दें...

मेरी ज़िन्दगी है अधूरी तेरे बिन...इस ज़िन्दगी को तू आज पूरी कर कर दें...
तू मुझको ख़ुद में समा ले...और मुझे अपने इश्क़ में फना कर दें...

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तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष