क्या पता हमें किधर जाना है...
मंजिल कहां है... और किसे पाना है....
हमतो बस मुसाफ़िर है... अपने ज़िन्दगी के सफ़र का...
कदम जहां भी पड़े...हमें तो बस चलते ही जाना है ...
आशीष गुप्ता....🥰
तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....
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