Wednesday, 20 January 2021

तू नाराज़ मत होया कर...

ये मेरे इश्क़... तू नाराज़ मत होया कर...
मोहब्बत तुमसे बेशुमार हैं... यूं शक ना किया कर...
ज़िन्दगी के सफ़र में... तू ही मेरा हमसफ़र है...
जान क़दमों पे रख दूंगा तेरे...थोड़ा ऐतबार तो किया कर...

मेरी ज़िन्दगी भी तुमसे हैं... मेरी सांसे भी तुमसे है...
मेरे चेहरे पे जो मुस्कान है...वो मुस्कान भी तुमसे है...
मोहब्बत तुमसे बेशुमार है...अल्फाज़ की ज़रूरत क्या है...
शब्द कम पड़ जाएंगे...इतनी मोहब्बत जो तुमसे है...


आशीष...

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मैने जिसे देखा हर वक़्त... जिसे हमने महसूस किया बेवक्त... आज कल वो मेरे ख्यालों में आने लगी.... कहीं ये इश्क़ तो नहीं... Ashish....