Friday, 9 April 2021

तुम...




एक ख़ूबसूरत सा शाम हो...तुम
मेरे ज़िन्दगी की सबसे प्यारी एहसास हो...तुम
जिसे देखते ही दिल में कुछ संगीत सा बज जाए...
ऐसे ही मोहब्बत की सरताज हो...तुम

जिसे छूते ही ख़ुशबू हाथों में बिखर जाए
नाम लेते ही उसका ग़ज़ल बन जाए
ऐसे ही एक ख़ूबसूरत सा किताब हो...तुम
जो हर दिल को छू जाए वो अल्फ़ाज़ हो...तुम





 

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तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....