Saturday, 23 April 2022

तेरी मोहब्बत में हम शरीफ से बदमाश हो गए...
बेकसूर तो हम भी थे गुनहगार हो गए...


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तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष