Tuesday, 25 April 2023

उन्हें देखे आंखों से कितने मुद्दतें बीत गई...
और वो हैं की कहतें है अभी तो मिले थे.......

आशीष गुप्ता...

दिल की बातें

आज कहूं जो दिल की वो बातें...तुमसे कभी जो मैं...कह भी पाया....
प्यार किया था जो तुमसे कभी मैं.... वो इज़हार कभी मैं कर नहीं पाया...
चुपके से चुपके से देखा था तुमको...आंखों से आंखे मिला नहीं पाया....
बचपन का प्यार हमारा था लेकिन जवानी में उसको भुला नही पाया...

तुम करोगे इश्क़... तब समझोगे... मोहब्बत क्या चीज़ होती है... हमने किया तो एहसास हुआ... ख़ुद बर्बाद करने की सज़ा क्या होती है.... आशीष